द्वारा - कुसुम सुराणा
2 year ago
कैकई-वर दशरथ भए व्याकुल, कैकई वर दोनों सुन! शापित राजा के स्वप्न हुए धूमिल, क...
       

द्वारा - कुसुम सुराणा
2 year ago
श्री गणेशाय नम: "वक्रतुण्ड महाकाय, सूर्यकोटि समप्रभ। निर्विघनम कुरु मे देव, सर्वकार्येषु सर...