GET IT ONGoogle PlayDownload ONApp StoreSign Up!Loginmodifyदोहे!आगे तीतर हैं चले, पीछे देख बटेर|बना धरा पर घोंसला, पर हैं चला बिखेर ||पवन करें अठखेलियां, घन कजरारे मौन|सजल नयन वर्षाव को, रोक सकेगा कौन?निकली तीतर ढूंढने, तब कर लगत बटेर |देखें सपन सजल नयन, नियती करत...LabelDirected by पढ़ने के लिए लॉगिन/रजिस्टर करेंपढ़े द्वारा कुसुम सुराणाThe Critic’s Cornerइस पर लोग क्या कह रहे हैं टिप्पणी लिखें