स्वतंत्रता और एकता...
स्वतंत्रता और एकता विशाल वटवृक्ष की फैली चहूँऒर अनन्त डालियाँ, वसुंधरा की ऒर बढ़ती जटाओं की झीणी ज़ालियाँ! खुरदरे तने की आड़ में छुपा था शिकारी भेड़िया, शैतानी दिमाग़ का धनी फैला ...
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