ये प्यार ही तो ज़िन्दगी... भाग २८
भाग २८विभा नींद में ही थी.. परिंदों की आवाज़ के साथ-साथ उसे दरवाज़े की घंटी सुनाई दी! पक्षियों की आवाज़ सुन उसे ऐसे लग रहा था मानों कोई भारतीय संगीत का जानकार भोर में रियाज कर रहा है...उसने अंगड़ाई ली और ...
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