GET IT ONGoogle PlayDownload ONApp StoreSign Up!Loginmodifyसावन की रिमझिम बौछारें सावन की रिमझिम बौछारें सरपट दौड़ा आया सावन, ले बदरी बौछार मलयज सौरभ ले हरसाया, भीनी सी रिमझिम फुहार। नभ से भू तक अगन हटी अब, चली ठंडी मस्त बयार गड़गड़ाहट, मेघा सरगम, गाएं हलध...LabelDirected by पढ़ने के लिए लॉगिन/रजिस्टर करेंपढ़े द्वारा कनक पारखThe Critic’s Cornerइस पर लोग क्या कह रहे हैं टिप्पणी लिखें