रक्षाबंधन
बड़ा मधुर रिश्तों का मधुवन, कुंजन में कोयल का गुंजन।हर रिश्ते का अपना स्पन्दन, मृदु भावों का अनुपम चंदन।। जब-जब बरसे रिमझिम सावन, हृदय सजे. बाबुल का आंगन।याद सताए संग सखियों के झूले&#...
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