वसंतोत्सव..
वसंतोत्सव!निशा ने फेंकी मखमली रजाई,आँखें मलते-मलते ली प्राची ने अंगड़ाई ,रेशमी, जरतारी, केसरिया चुनर लहराई,छुई-मुई कलियों ने दी होले से मुंह दिखाई!हड़बड़ी में ओढ़ दुपट्टा सुबह छत पर आई!रश्मियों ने बिख...
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