दोहावली
मनोहर प्रकृति 1)आयी हैं रवि रश्मियां, तेजस सुंदर रूप।जग सारा चेतन हुआ, हल्की हल्की धूप।।2)इतराती कलियां खिली, पट घूंघट के खोल।गुनगुन करते भंवरे, जीवन में मधु घोल।।3)नील गगन में विचरते, पंछी गाये ...
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