GET IT ONGoogle PlayDownload ONApp StoreSign Up!Loginmodifyचंदा मोहे न सोहे इस तन्हाई में चंदा मोहे न सोहे, इस तन्हाई मेंलौटा दे तू उसे, इस जुदाई में कर दे कम दूरी मेरी...या रख ले तू परछाई में... रात के उनींदे है, विरह में छुपाए हैंये दर्द दिल के सारे, क्या रुलाए हैं अश्क ...LabelDirected by पढ़ने के लिए लॉगिन/रजिस्टर करेंपढ़े द्वारा Manoj Kumar YaktaThe Critic’s Cornerइस पर लोग क्या कह रहे हैं टिप्पणी लिखें