चंदा मोहे न सोहे इस तन्हाई में
चंदा मोहे न सोहे, इस तन्हाई मेंलौटा दे तू उसे, इस जुदाई में कर दे कम दूरी मेरी...या रख ले तू परछाई में... रात के उनींदे है, विरह में छुपाए हैंये दर्द दिल के सारे, क्या रुलाए हैं अश्क ...
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