GET IT ONGoogle PlayDownload ONApp StoreSign Up!Loginmodifyमहावीर!आंजनेय छन्द :सिद्धारथ पुत राज दुलारे।जननी त्रिशला शिशु है प्यारे।।रिद्धि-सिद्धि अब वृद्धि पधारे।लीला अनुपम जनता द्वारे।।१।।मात-कोख रख स्थिरता भारी।सुकल्पना धन-वैभव वारी।।प्रजा राज्य में सुरभित सारी।मध...LabelDirected by पढ़ने के लिए लॉगिन/रजिस्टर करेंपढ़े द्वारा कुसुम सुराणाThe Critic’s Cornerइस पर लोग क्या कह रहे हैं टिप्पणी लिखें