GET IT ONGoogle PlayDownload ONApp StoreSign Up!Loginmodify बाराती... शीर्षक : बाराती... मतलबी जहाँ में कौन है ग़म का साथी?अर्श से फर्श पर साथ छोड़ गए बाराती! विरले ही हैं पतझड़ में शाख से जुड़े राही!तिमिर में साया भी नहीं हमसफ़र-हमराही ! गमों की आँधियों में बु...LabelDirected by पढ़ने के लिए लॉगिन/रजिस्टर करेंपढ़े द्वारा कुसुम सुराणाThe Critic’s Cornerइस पर लोग क्या कह रहे हैं टिप्पणी लिखें