माँ!
नमन माँ शारदे! 🙏🙏द्विगुणित सुंदर छंद :12 12 पदान्त दो गुरुमाँ तेरे चरणों में, स्वर्ग हमारा जानो,विनती नटखट बच्चा, करता है अब मानो।तेरे आँचल सी है, कहाँ छाँव बतलाओ।क्षीर-नीर का मीठा, कहाँ पात्र समझाओ...
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