महासती चन्दनबाला
नमन माँ शारदे! 🙏🙏🙏 आंजनेय/हनुमत छन्द अजब नियति का यह लेखा। राजकुँवर-छल, दासी देखा।। शरणागत माँ शरीर त्यागा। वसुमति कर्म-भोग है जागा।। हाट-हाट बिक रही अभागी। गणिका अतिशय बो...
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