GET IT ONGoogle PlayDownload ONApp StoreSign Up!Loginmodifyमहासती चन्दनबाला नमन माँ शारदे! 🙏🙏🙏 आंजनेय/हनुमत छन्द अजब नियति का यह लेखा। राजकुँवर-छल, दासी देखा।। शरणागत माँ शरीर त्यागा। वसुमति कर्म-भोग है जागा।। हाट-हाट बिक रही अभागी। गणिका अतिशय बो...LabelDirected by पढ़ने के लिए लॉगिन/रजिस्टर करेंपढ़े द्वारा कुसुम सुराणाThe Critic’s Cornerइस पर लोग क्या कह रहे हैं टिप्पणी लिखें