GET IT ONGoogle PlayDownload ONApp StoreSign Up!Loginmodifyचौपाई छंद आधारित रचना!चौपाईचोरी कर बच निकला बन्दा।बढ़ चढ़ कहता दे दो चन्दा।कोतवाल खुद फिर कैसा डर।राम नाम का हूँ सौदागर।।अंदर-बाहर दूषित आनन।कलियुग का मैं भ्रमित दशानन।नरक लोक वासी मेरा तन।राम जन्म स्थल है अति पावन।।सेवक मन्...LabelDirected by पढ़ने के लिए लॉगिन/रजिस्टर करेंपढ़े द्वारा कुसुम सुराणाThe Critic’s Cornerइस पर लोग क्या कह रहे हैं टिप्पणी लिखें