चौपाई छंद आधारित रचना!
चौपाईचोरी कर बच निकला बन्दा।बढ़ चढ़ कहता दे दो चन्दा।कोतवाल खुद फिर कैसा डर।राम नाम का हूँ सौदागर।।अंदर-बाहर दूषित आनन।कलियुग का मैं भ्रमित दशानन।नरक लोक वासी मेरा तन।राम जन्म स्थल है अति पावन।।सेवक मन्...
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