न चाहता हूँ तुम रुको , न चाहता हूँ मैं रुकूं।
एक बार फिर से वो पुरानी हर याद ताज़ा हो गयी,फिर दिल सजाया हाथ में फ़रियाद ताज़ा हो गयी,कैसे कहूँ कि देखकर वर्षों पुरानी वो हंसी ख़ुश हूँ या ग़म में हूँ मगर हर बात ताज़ा हो गयी,कैसे ...
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