मन आवेग
मन आवेगरोके हम आवेग को, कसना विनय लगाम।बंधन मर्यादा भला, लगती प्रकृति ललाम।।लगती प्रकृति ललाम, सादगी हर दिल जीते।प्यासा हो इंसान, प्यास बुझती जल पीते।।खिलता मन मधुमास, प्रेम से कोई टोके।पिया करे मनुहा...
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