GET IT ONGoogle PlayDownload ONApp StoreSign Up!Loginmodify दिल के पास तुम रहते हो!दिल के पास तुम रहते हो! आम्रमंजरियां देख, कुहूं कुहूं बोले कोयल, मधुर सुर-लहरियों से, करें तन-मन घायल! आसक्त भ्रमर अवनि-अंबर में अमि घोले! पंखुड़ियां शरमा होले से घूंघट पट खोले! रति-मदन क्रीड़ा द...LabelDirected by पढ़ने के लिए लॉगिन/रजिस्टर करेंपढ़े द्वारा कुसुम सुराणाThe Critic’s Cornerइस पर लोग क्या कह रहे हैं टिप्पणी लिखें