जीत!
अपाहिज बेटी ने, तमगे जीते भारी राष्ट्र सम्मान बढ़ाए, जन-जन दुलार पाए ।विपदा सदैव आई, अटल रहे मनसूबे।मन में है जब ठाना, जान मर्म सब पाए ।भिक्षा-शिक्षा-दीक्षा, गुरुकुल की हैं बातें। जीवट ...
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