GET IT ONGoogle PlayDownload ONApp StoreSign Up!Loginmodifyये प्यार ही तो ज़िन्दगी.... भाग ४३भाग ४३वैदेही सुबह के स्वप्न में खो गई थी! विनय उसके गालों पर थपकियाँ दे उसे जगा रहा था.. हाथ में डफली लिए वह मुस्कुरा कर बोला, " हेलो माय ड्रीम गर्ल! आप सब ने मुझें बिल्कुल निराश नहीं किया! पल-पल मुझे...LabelDirected by पढ़ने के लिए लॉगिन/रजिस्टर करेंपढ़े द्वारा कुसुम सुराणाThe Critic’s Cornerइस पर लोग क्या कह रहे हैं टिप्पणी लिखें