GET IT ONGoogle PlayDownload ONApp StoreSign Up!Loginmodify साँझ!शीर्षक : प्यार की बरसात... गोधूलि की बेला है, सूरज निहायत अकेला है, आसमान ने लालिमा खोई है, घंटों निशा की राह जोई है! चाँद ने उपवस्त्र लहराया है, धरा को उबटन लगाया है! दु...LabelDirected by पढ़ने के लिए लॉगिन/रजिस्टर करेंपढ़े द्वारा कुसुम सुराणाThe Critic’s Cornerइस पर लोग क्या कह रहे हैं टिप्पणी लिखें