GET IT ONGoogle PlayDownload ONApp StoreSign Up!Loginmodifyनशा नाश का कारणनशा नाश का कारणलगती लत जब यह बुरी, करता नशा विनाश।तन-मन-धन बर्बाद हो, मिटता धर्म प्रकाश।।मिटता धर्म प्रकाश, खोखला करता यह तन।।खोता जीवन आस, लुटे घर आँगन श्री धन।।भूले अपना भान, नशे में धुत हो छलती।छोड...LabelDirected by पढ़ने के लिए लॉगिन/रजिस्टर करेंपढ़े द्वारा चंचल जैनThe Critic’s Cornerइस पर लोग क्या कह रहे हैं टिप्पणी लिखें