GET IT ONGoogle PlayDownload ONApp StoreSign Up!Loginmodifyअहिंसा भावनाअहिंसा भाव की बहेगी धारा मानवता का होगा उजियारा,दीपित सेवाधर्म संस्कार होगा,प्रेम, दया, करूणा का झंकारा।। विश्व शांति का सपना हो पूरा,जगती हो सद्भावना, भाईचारा,अलख सत्सेवा, परमानंद का,अहिंसा परमोधर्म...LabelDirected by पढ़ने के लिए लॉगिन/रजिस्टर करेंपढ़े द्वारा चंचल जैनThe Critic’s Cornerइस पर लोग क्या कह रहे हैं टिप्पणी लिखें