GET IT ONGoogle PlayDownload ONApp StoreSign Up!Loginmodifyहो सब साथ नमन माँ शारदेकुण्डलिया छंदसंकट आया देश पर, सेना पर विश्वास। बलशाली चौकस खड़े, दुश्मन को संत्रास।।दुश्मन को संत्रास, भीति से थरथर काँपे।आतंकी का नाश, ठिकाने क्षण में भाँपे।।जड़ पर करते वार, किया '...LabelDirected by पढ़ने के लिए लॉगिन/रजिस्टर करेंपढ़े द्वारा चंचल जैनThe Critic’s Cornerइस पर लोग क्या कह रहे हैं टिप्पणी लिखें