बच्चे!
बच्चे हम छोटे ही अच्छे।खेलें पहन बनियान-कच्छे।बड़ों की दुनिया है भारी।डरावनी बहुत कारी-कारी।फूल-परिंदे देख मुस्काते।कभी नहीं हम काँटे बोते।हिलमिल सबसे नयन मिलाते।खेलकूद में दिवस बिताते।।मन का हर कोना न...
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