यें प्यार ही तो ज़िन्दगी... भाग ६३
भाग ६३प्रकृति के तेवर भी बडे अजीब होते है! घड़ी में धूप, घड़ी में छाँव! कभी सुवर्ण रश्मियों से जगमगता जहाँ तो अगले ही पल आसमान में छाया घना कोहरा, बादलों का शोरगुल और ओलों की बरसात! कभी शांत बहती, खिलखि...
पढ़ने के लिए लॉगिन/रजिस्टर करेंपढ़े