GET IT ONGoogle PlayDownload ONApp StoreSign Up!Loginmodifyआओ! जी ले जरा..आओ! जी ले जरा! जिंदगी न मिलेगी दुबारा!गम की काली घटाएँ हो या खुशियों का उजाला,खाली या भरा, पूरा हो जिंदगी का शीशाई प्याला!रुके-रुके हो या मंज़िल की ओर तेज रफ़्तार कदम,कुछ तुम सांझा करो, कुछ हम बाँटे खु...LabelDirected by पढ़ने के लिए लॉगिन/रजिस्टर करेंपढ़े द्वारा कुसुम सुराणाThe Critic’s Cornerइस पर लोग क्या कह रहे हैं टिप्पणी लिखें