नवरात्रि!
सहस्त्र किरणों से सजा अम्बर का थाल!अरुणिमा से सुशोभित मैय्या का भाल!कैलाशपति प्रिया महागौरी करें निहाल!आरती उतारे माँ, हिमालय पर्वत माल!धवल वस्त्र-धारिणी, निर्मल गंगा की धार, लाल चुन्दड, गले में ...
पढ़ने के लिए लॉगिन/रजिस्टर करेंपढ़े