चौपाई छन्द - यशोदा का लाला!
जने देवकी शिशु कारा में।चले वसुदेव जल धारा में।टूट गई जंजीरें सारी।देव रूप पापी पर भारी।।छू कर कान्हा उतरा पानी।यमुना पगली बड़ी सयानी।नन्द यशोदा गेह कन्हैया।गोप-गोपियाँ लेत बलैया।।हर्षित बहुत यशोदा माई...
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