GET IT ONGoogle PlayDownload ONApp StoreSign Up!Loginmodifyये प्यार ही तो ज़िन्दगी... भाग १५भाग १५कल का सूरज वैदेही, वज्र और यश के जीवन में नई सुबह लेकर आनेवाला था। रात सितारों से जगमगा रही थी। चाँद अपने शबाब पर था, दिल खोल कर नूर बरसा रहा था....चन्द्रमा की शीतलता और जाड़े की सर्द रात का तालम...LabelDirected by पढ़ने के लिए लॉगिन/रजिस्टर करेंपढ़े द्वारा कुसुम सुराणाThe Critic’s Cornerइस पर लोग क्या कह रहे हैं टिप्पणी लिखें