GET IT ONGoogle PlayDownload ONApp StoreSign Up!Loginmodifyसमय!'चरैवेति....चरैवेति' चेतन धर्म समय का शाश्वत है!सत्कर्म कर जी ले मनुज! यमराज सदा आश्वस्त है!कौन जाने समय-कोख में छुपे पत्थर या हीरे-मोती?विधाता भी कब पहचान पाएं समय की गति-मति?मनुज! तू समय का यात...LabelDirected by पढ़ने के लिए लॉगिन/रजिस्टर करेंपढ़े द्वारा कुसुम सुराणाThe Critic’s Cornerइस पर लोग क्या कह रहे हैं टिप्पणी लिखें