GET IT ONGoogle PlayDownload ONApp StoreSign Up!Loginmodifyमहा शशिवदना छंद!खेल-खेल में क्यों, खेला कर बैठे।दीदी! घर तेरे, मेहमान क्यों ऐठे।।बुला लिया सबको, मजे करो, आओ! मूल्य चूका बन्दे, लाठी भी खाओ।।मुँह में उंगली है, अतिथि मेसी के।स्वागत में टुकड़े, बोतल-कुर्सी क...LabelDirected by पढ़ने के लिए लॉगिन/रजिस्टर करेंपढ़े द्वारा कुसुम सुराणाThe Critic’s Cornerइस पर लोग क्या कह रहे हैं टिप्पणी लिखें