ये प्यार ही तो ज़िन्दगी.... भाग ३३
भाग ३३रात गहरा गई थी! इक्का-दुक्का तारा भी छुपा-छुपी खेल रहा था! वैदेही पानी की बोतल भर कर लाना भूल गई थी। आधी रात नींद खुली..आज न जानें क्यों उसका गला बार-बार सूख रहा था। वह रसोईघर की ऒर बड़ी.. तभी उस...
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