ज़िन्दगी का लेखा-जोखा!
कल एक झलक मैंने ज़िन्दगी को देखा,चित्रगुप्त सा किया ज़िन्दगी का लेखा-जोखा!ज़िन्दगी ने दम लगा मुश्किलों का जाल फेंका,मैंने खुद को समझाइश दे हुकमी इक्का फेंका!"ज़िन्दगी की जंग में हार मत,प्रतिकार कर!गलतियों...
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