गर....
गर मुझ में बदलाव नहीं, किस काम का है ज्ञान?सिर्फ औरों को दे उपदेश, बढ़ता नहीं है मान!औरों के पैरों के अक्सर नज़र आते हैं शूल,अपनी आँखों के तृण हम कैसे जाते हैं भूल।परिवर्तन हैं सफल-सुखकर जीवन ...
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