मित्र
 फोटो प्रतियोगिता  प्यारा सा हो मित्र, आस का दीप जलाये।साथी हो मन मीत, प्रीत का बंध निभाये।। जीव दया हो धर्म, साधना मानवता की।उपकारी हो कर्म, भर्त्सना दानवता की।। चंचल जैन
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