नारी, तू नारायणी
नारी, नारायणी...नारी तू नारायणीनारी हूँ सुमंगला, नर की मैं नारायणी।बेटी, भगिनी, प्रिया, माता मैं कल्याणी।।तारिणी, तेजस्विनी सृष्टि-सी रमणी।सुहासिनी, गंग-सी मैं निर्मल निर्झरणी।।ममतामयी  क्षमाशील ...
पढ़ने के लिए लॉगिन/रजिस्टर करेंपढ़े