GET IT ONGoogle PlayDownload ONApp StoreSign Up!Loginmodifyतन्हाईयों में तेरी याद सताती हैं.. तन्हाईयों में तेरी याद सताती हैं, दिलों पर दे दस्तक, अक्सर रुलाती है! वो गुज़रे लम्हें, वो यादों की लड़ियाँ, वो उलझें से धागे, वो रिश्तों की कड़ियाँ, दुपट्टे के शामियाने...LabelDirected by पढ़ने के लिए लॉगिन/रजिस्टर करेंपढ़े द्वारा कुसुम सुराणाThe Critic’s Cornerइस पर लोग क्या कह रहे हैं टिप्पणी लिखें