GET IT ONGoogle PlayDownload ONApp StoreSign Up!Loginmodifyअकेले चल कर देख...कुछ दूर अकेले चल कर तो देख़,वक़्त के भाल पर तू लिख दे लेख!खुदा की मर्जी में नहीं मीन-मेख,माथे की लकीरों का पढ़ आलेख!अकेले तू आगे बढ़ता ही चल,काँटों पर चलने की जारी पहल!प्रवाह के विरुद्ध तैरने का हो बल,&nb...LabelDirected by पढ़ने के लिए लॉगिन/रजिस्टर करेंपढ़े द्वारा कुसुम सुराणाThe Critic’s Cornerइस पर लोग क्या कह रहे हैं टिप्पणी लिखें