GET IT ONGoogle PlayDownload ONApp StoreSign Up!Loginmodifyदरार अब टूट गया हू।।।। भाई अब टूट गया हूँ यह दर्द अब सहा नहीं जाता।।।। पता नहीं क्या हो गया हैं मुझे पर अब यह दुनियादारी का नाटक मुझसे किया नहीं जाता।।।।। एक एक करके सब दोस्त चले गए।।।।...LabelDirected by पढ़ने के लिए लॉगिन/रजिस्टर करेंपढ़े द्वारा Yatharth PuriThe Critic’s Cornerइस पर लोग क्या कह रहे हैं टिप्पणी लिखें