GET IT ONGoogle PlayDownload ONApp StoreSign Up!Loginmodify माटी के पुतले! शीर्षक : माटी के पुतले! माटी के पुतले तू क्यों करें मनमानी, क्यों रौन्दे चिकनी मिट्टी डाल पानी? नश्वर देहधारी, जाने न तू निज कहानी, माटी मोल काया, माटी में मिल जा...LabelDirected by पढ़ने के लिए लॉगिन/रजिस्टर करेंपढ़े द्वारा कुसुम सुराणाThe Critic’s Cornerइस पर लोग क्या कह रहे हैं टिप्पणी लिखें