GET IT ONGoogle PlayDownload ONApp StoreSign Up!Loginmodify'श्रमिक दिवस' तथा 'महाराष्ट्र दिवस' की लख लख बधाइयाँ!चेहरे पर स्वेद के मोती,धूप में जली श्यामल चमड़ी,मेहनत-मश्शकत से कसे बाज़ू, सिर्फ दो वक़्त रोटी की आरजू।पत्थर ढोते-ढोते टूटी कमर,सिर पर ईट-बालू से भरे टोकरे,पास मिट्टी में खेलता नन्हा बेटा,फटी फ्र...LabelDirected by पढ़ने के लिए लॉगिन/रजिस्टर करेंपढ़े द्वारा कुसुम सुराणाThe Critic’s Cornerइस पर लोग क्या कह रहे हैं टिप्पणी लिखें