GET IT ONGoogle PlayDownload ONApp StoreSign Up!Loginmodifyशायरीहसरतें मन की अरमान बन गयी,खोयी जो जमीं आसमान बन गयी।मुकद्दर किसी का हमजाया नही,और तकदीर किसी का साया नही।मिल जाता है मुकाम किसी को वक्त से पहले,तो किस्मत सभी पर मेहरबान तो नहीं।LabelDirected by पढ़ने के लिए लॉगिन/रजिस्टर करेंपढ़े द्वारा Kapil TiwariThe Critic’s Cornerइस पर लोग क्या कह रहे हैं टिप्पणी लिखें