शायरी
हसरतें मन की अरमान बन गयी,खोयी जो जमीं आसमान बन गयी।मुकद्दर किसी का हमजाया नही,और तकदीर किसी का साया नही।मिल जाता है मुकाम किसी को वक्त से पहले,तो किस्मत सभी पर मेहरबान तो नहीं।
पढ़ने के लिए लॉगिन/रजिस्टर करेंपढ़े