GET IT ONGoogle PlayDownload ONApp StoreSign Up!Loginmodifyवो पहला प्यार...वो पहला प्यार ✍️ कवि – विजय शर्मा एरी (Vijay Sharma Erry) वो पहला-पहला एहसास था, न कोई वादा, न कोई प्यास था। बस उसकी एक मुस्कान थी, और दिल मेरा बेक़रार सा था। लखनऊ की उन भीगी गलियों में, जब साथ चलते थ...LabelDirected by पढ़ने के लिए लॉगिन/रजिस्टर करेंपढ़े द्वारा Vijay SharmaThe Critic’s Cornerइस पर लोग क्या कह रहे हैं टिप्पणी लिखें