वो पहला प्यार...
वो पहला प्यार ✍️ कवि – विजय शर्मा एरी (Vijay Sharma Erry) वो पहला-पहला एहसास था, न कोई वादा, न कोई प्यास था। बस उसकी एक मुस्कान थी, और दिल मेरा बेक़रार सा था। लखनऊ की उन भीगी गलियों में, जब साथ चलते थ...
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