आहिस्ता- आहिस्ता....
काँटों से सजी सेज पर, मुस्कुराने का हुनर ....सीखा हैं हमने आहिस्ता-आहिस्ता!अपनों के दिए ज़ख्मों पर,नमक का कहर ,सहा हैं हमने आहिस्ता-आहिस्ता!बसंत में पतझड़ का दीदार ,बु...
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