श्रीराम
बालकाल में एक बार भरत जी दौड़े-दौड़े माता कौशल्या की गोदी में जा बैठे, महल में तीनों रानियों संग महाराज दशरथ भी विराजमान थे, वात्सल्य प्रेम से ओतप्रोत माता कौशल्या ने भरत को चूमा और लाड कि...
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