GET IT ONGoogle PlayDownload ONApp StoreSign Up!Loginmodifyश्रीराम बालकाल में एक बार भरत जी दौड़े-दौड़े माता कौशल्या की गोदी में जा बैठे, महल में तीनों रानियों संग महाराज दशरथ भी विराजमान थे, वात्सल्य प्रेम से ओतप्रोत माता कौशल्या ने भरत को चूमा और लाड कि...LabelDirected by पढ़ने के लिए लॉगिन/रजिस्टर करेंपढ़े द्वारा Pankaj BindasThe Critic’s Cornerइस पर लोग क्या कह रहे हैं टिप्पणी लिखें