चाहिए....
थामने तलवार-कलम....शेर-दिल चाहिए।आँधी हो या तूफान...हौसले बुलंद चाहिए।दुश्मनों का करने खात्मा..धार तेज चाहिए।अन्याय, अपराध के विरुद्ध... आक्रोश कर्कश चाहिए।कलम या कटार से..दैत्य-मर्दन चाहिए।...
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