"शरद का चाँद"
शीर्षक : शरद का चाँद! ढोल-मृदंग की ताल पर, पंख फैलाए नाचे मन-मयूर! तारों का सेहरा पहन, आलोकित जहाँ बरसाएं नूर! बादलों की ओट से झाँके, मदन सम "शरद का चाँद"! लावण्यवती...
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