GET IT ONGoogle PlayDownload ONApp StoreSign Up!Loginmodify "शरद का चाँद"शीर्षक : शरद का चाँद! ढोल-मृदंग की ताल पर, पंख फैलाए नाचे मन-मयूर! तारों का सेहरा पहन, आलोकित जहाँ बरसाएं नूर! बादलों की ओट से झाँके, मदन सम "शरद का चाँद"! लावण्यवती...LabelDirected by पढ़ने के लिए लॉगिन/रजिस्टर करेंपढ़े द्वारा कुसुम सुराणाThe Critic’s Cornerइस पर लोग क्या कह रहे हैं टिप्पणी लिखें