GET IT ONGoogle PlayDownload ONApp StoreSign Up!Loginmodifyनारी, तू नारायणीनारी, नारायणी...नारी हूँ सुमंगला, नर की मैं नारायणी।बेटी, भगिनी, प्रिया, माता मैं कल्याणी।।तारिणी, तेजस्विनी सृष्टि-सी मैं हूँ रमणी।सुहासिनी, गंग-सी मैं निर्मल निर्झरणी।।ममतामयी क्षमाशील धरा धीरज धारी...LabelDirected by पढ़ने के लिए लॉगिन/रजिस्टर करेंपढ़े द्वारा चंचल जैनThe Critic’s Cornerइस पर लोग क्या कह रहे हैं टिप्पणी लिखें