GET IT ONGoogle PlayDownload ONApp StoreSign Up!Loginmodifyछुम छुम करती आओ मैया...छुम-छुम छुम-छुम करती मैया, आओ बनकर ढ़ाल,नवरात्री में मैया सुधारों, मम मातृभूमि का हाल।।सहस्त्र किरणों से सजा अम्बर का स्वर्णिम थाल,कुंकुम लालिमा से सुशोभित मैया का तेजस भाल।।रूण झुण रूण झुण करती मैया प...LabelDirected by पढ़ने के लिए लॉगिन/रजिस्टर करेंपढ़े द्वारा कुसुम सुराणाThe Critic’s Cornerइस पर लोग क्या कह रहे हैं टिप्पणी लिखें