प्रियतम मेरे..
प्रियतम मेरेजब से थामा हाथ तुम्हारा।सजना प्रीत बरसती धारा।।प्रेम गीत गुनगुन हम गाते।जीवन साथी प्यार निभाते।।चंचल जैन
पढ़ने के लिए लॉगिन/रजिस्टर करेंपढ़े